
जालंधर ब्रीज: पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने रविवार को जिले की ज़मीनी स्थिति का जायज़ा लेने के लिए लुधियाना कमिश्नरेट का दौरा किया और कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए पुलिस द्वारा किए गए प्रबंधों का जायज़ा लिया। डीजीपी ने पंजाब के पहले पुलिस कोरोना शहीद एसीपी अनिल कोहली को श्रद्धांजली भी भेंट की, जो कोरोना के विरुद्ध जंग में अगली कतार में काम करते हुए 18 अप्रैल को शहीद हो गए थे। डीजीपी कोहली के भोग में शामिल हुए और दुखी परिवार के साथ गहरे दुख का प्रगटावा किया।
उन्होंने अनिल कोहली के पुत्र पारस कोहली को नियुक्ति पत्र और उनकी पत्नी पलक कोहली को वित्तीय सहायता के लिए चैक भी सौंपा। राज्य में फैले कोविड -19 के कारण भोग में शरीक न होने के कारण राज्य भर से 20,000 से अधिक लोग और पुलिस अधिकारी इन्टरनेट पर सीधे प्रसारण के द्वारा भोग में शामिल हुए। इनमें एडीजीपीज़, आईजी /डिआईजी और राज्य के सभी एसएसपी शामिल थे। इससे पहले पुलिस लाईनज़, लुधियाना में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए श्री गुप्ता ने मौजूदा स्थिति और कोविड दिशा-निर्देशों को सख़्ती से लागू करने के लिए उठाए गए कदमों का जायज़ा लिया। उन्होंने अधिकारियों को कफ्र्यू और कोविड दिशा-निर्देशों को लागू करने में तेज़ी लाने के निर्देश दिए।
पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने डीजीपी को बताया कि जि़ला पुलिस कोविड से सम्बन्धित पाबंदियों को सख़्ती से लागू कर रही है और कफ्र्यू का उल्लंघन करने वालों के साथ सख़्ती से पेश आ रही है। जि़ला पुलिस ने कफ्र्यू से जुड़े विभिन्न अपराधों सम्बन्धी 426 एफआईआरज़ दर्ज की गईं और उल्लंघन करने वाले 732 व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया गया। कुल 14,806 व्यक्तियों को खुली जेलों में ले जाया गया, जबकि बिना कारण शहर में वाहनों पर घूमने वालों के विरुद्ध 7,088 ट्रैफिक़ चालान जारी किए गए और 1,265 वाहन ज़ब्त किए गए। सी.पी. ने आगे मीटिंग में बताया कि लुधियाना एक औद्योगिक केंद्र है, जिस कारण देश भर से लाखों प्रवासी मज़दूर भी यहाँ रह रहे थे, पुलिस ने उनकी देखभाल करने की सख़्त चुनौती को स्वीकार किया और सभी ज़रूरतमन्द व्यक्तियों को खाना पहुँचाया गया। इस समय के दौरान 57,85,793 व्यक्तियों को खाना पहुँचाया गया और 39,837 फूड किटों को ज़रूरतमंदों में बाँटा गया।
श्री अग्रवाल ने आगे बताया कि पिछले 5 दिनों में 20,000 प्रवासी श्रमिक ऐक्सप्रैस स्पैशल ट्रेनों के द्वारा अपने मूल जिलों में वापस लौटे। उन्होंने यह भी बताया कि लुधियाना में पहले ही कई फ़ैक्टरियों ने काम शुरू कर दिया था और बड़ी संख्या में मज़दूर काम में शामिल हो गए थे। इसके अलावा, 57 शैल्टर होम स्थापित किए गए और लगभग 800 प्रवासी वहां रह रहे थे, जिनमें प्रशासन द्वारा मुफ़्त खाना और रहने की सुविधा दी गई थी।
मीटिंग में बताया गया कि लुधियाना शहर में अमन-कानून के सही प्रबंधों के लिए 2020 वॉलंटियर पुलिस की मदद कर रहे थे और लोगों द्वारा उनकी तरफ से दिए जा रहे सहयोग की भरपूर सराहना की जा रही है। कोविड -19 के संकटकालीन दौर में आम लोगों की भूमिका भी सराहनीय है, क्योंकि 276 गाँवों और 1077 मुहल्लों के लोगों द्वारा स्वैच्छा से सील किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर ने और जानकारी देते हुए डीजीपी को बताया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस फोर्स को दिन में दो बार पका हुआ भोजन दिया जा रहा है, इसके साथ ही पीने वाले पानी की निरंतर सप्लाई की जा रही है।
कर्मचारियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए विटामिन-बी, विटामिन-सी की गोलियाँ, विटामिन-डी, जि़ंक की गोलियाँ, गिलोए घनवटी की गोलियाँ, होम्योपैथिक दवा आर्सेनिक एल्बम 30 बाँटी गई। अगली कतार में काम कर रहे पुलिस मुलाजि़मों की सुरक्षा के लिए लगभग एक लाख मास्क, 90000 दस्ताने, सैनेटाईजऱ की 50,000 बोतले, 1700 फेस शील्ड और गोगल्ज़ और 564 पीपीई किटें भी प्रदान की गई हैं। इसके अलावा पुलिस कमिश्नरेट, लुधियाना की अलग-अलग स्थानों पर 478 बिस्तरों की सामथ्र्य वाले 12 क्वारंटाइन सैंटर विशेष तौर पर पुलिस कर्मचारियों के लिए स्थापित किए गए हैं। बहुत से पुलिस जवानों ने डीजीपी को बताया कि वह पहले ही एच.सी.क्यू. रोगनिरोधक के तौर पर ले रहे हैं। लुधियाना पुलिस द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए डीजीपी ने कोविड-19 के मद्देनजऱ लॉकडाउन / कफ्र्यू की पाबंदियों को सख़्ती से पालना को यकीनी बनाने सम्बन्धी यत्न को और तेज़ करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। डीजीपी ने लुधियाना के विभिन्न चौंकों पर तैनात पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत की।
दो-पहिया वाहनों के पीछे बैठने वालों पर पाबंदी की कुछ उल्लंघनाओं को देखते गुप्ता ने पुलिस मुलाजि़मों को देह से दूरी को यकीनी बनाने के लिए इस पाबंदी को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सी.पी. लुधियाना को लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए इलैक्ट्रॉनिक माध्यम के साथ-साथ सोशल मीडिया पर विशेष मुहिमें चलाने के लिए भी कहा। डीजीपी ने भारत नगर चौंक पर तैनात वॉलंटियरों के साथ बातचीत भी की और पिछले दो महीनों से बिना किसी वेतन के पूरी ईमानदारी और समर्पण से काम करने के लिए उनकी तारीफ़ की। एसीपी (ट्रैफिक़) गुरदेव सिंह, जो कि लुधियाना में समूचे वॉलंटियरों के यत्नों को जुटाने और तालमेल का काम कर रहे हैं, ने डीजीपी को बताया कि 9000 से अधिक वॉलंटियरों को लुधियाना पुलिस में तैनात किया गया है और समाज की सेवा में वे एक शानदार काम कर रहे हैं। डीजीपी ने एक डॉक्टरी मोबाइल मैडीकल वैन का निरीक्षण भी किया, जिससे शहर के अलग-अलग स्थानों पर तैनात पुलिस मुलाजि़मों की मैडीकल जांच करवाने के लिए आरक्षित किया गया है।
उसने ड्यूटी वाले डॉक्टर और पुलिस अधिकारियों को पल्स ऑक्सीमीटर का प्रयोग करने के लिए भी प्रेरित किया, जो कि पुलिस कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए किसी भी फ्लू जैसे लक्षणों की जांच करने में मददगार है। पुलिस फोर्स के मनोबल को बढ़ाने के लिए और अगली कतार में काम कर रहे पुरूषों और महिलाओं द्वारा किए गए कार्यों की पहचान करने के लिए गुप्ता ने 11 जवानों समेत आईपीएस अधिकारी एडीसीपी (हैडक्वाटर) दीपक पारिक को समाज की बेमिसाल सेवा करने के लिए सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया, जो कि पुलिस कमिश्नरेट, लुधियाना में कोविड -19 सम्बन्धी नोडल अधिकारी के तौर पर तैनात हैं।
एसएचओ (फोकल प्वाइंट) इंस्पेक्टर मुहम्मद जमील, कांस्टेबल संजीव कुमार और अजैब सिंह को भी कोरोनावायरस के विरुद्ध लड़ाई में शानदार सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
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