April 4, 2025

Jalandhar Breeze

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आईसीएआर-सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट-हार्वेस्ट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीफेट), लुधियाना ने कृषि प्रसंस्करण पर उद्योग इंटरफ़ेस का आभासी मेला-2021 (CIPHET-IIFA 2021) आयोजित किया

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जालंधर ब्रीज: आईसीएआर-सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट-हार्वेस्ट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीफेट), लुधियाना ने अपने 33वें स्थापना दिवस और भारतीय स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष में 3-4 अक्टूबर, 2021 के दौरान कृषि प्रसंस्करण पर उद्योग इंटरफ़ेस का आभासी मेला-2021 (CIPHET-IIFA 2021) आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ सुरेश कुमार चौधरी, उप महानिदेशक (एनआरएम और इंजीनियरिंग), आईसीएआर द्वारा 3 अक्टूबर, 2021 को ऑनलाइन किया गया। डॉ के.के. सिंह एवं डॉ एस.एन. झा सहायक महानिदेशक (इंजीनियरिंग) के साथ- साथ आईसीएआर-सीफेट के सभी पूर्व निदेशकों भी उद्घाटन के दौरान उपस्थित थे।

उन्होंने संस्थान और आगे के तरीकों के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। वर्चुअल मेले में विभिन्न तकनीकों (मशीन, प्रक्रिया, प्रोटोकॉल आदि) को दिलचस्प तरीके से वीडियो सहित प्रदर्शित किया गया। विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा, उद्यमिता विकास सहित 5 विषयों पर पैनल चर्चा हुई। चर्चा में किसानों की आय बढ़ाने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के आधार पर कैचमेंट एरिया में एग्रो-प्रोसेसिंग सेंटर (एपीसी) और माइक्रो-प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की सिफारिश की गई।

आईसीएआर-सीफेट द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि किसान केवल फलों की ग्रेडिंग यूनिट संचालन को अपनाकर अपनी आय का 25% बढ़ा सकते हैं और इसलिए किसानों को प्राथमिक प्रसंस्करण के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। आईसीएआर-सीफेट ने अब तक पूरे देश में 300 कृषि प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किए हैं और भारत को आत्म निर्भर बनाने की दिशा में और अधिक कृषि प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। चर्चा की गई अन्य महत्वपूर्ण प्रोद्योगिकियों में जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव एवं जोत भूमि में हो रही कमी से उबरने के लिए संरक्षित खेती को अपनाना, एवं प्लास्टिक लाइन वाले तालाब में वर्षा का जल को खेतों में संचय करके ड्रिप सिंचाई के उपयोग से प्रति बूंद अधिक फसल लेना शामिल है।

डॉ. नचिकेत कोत्वालीवाले, निदेशक, भाकृअनुप- सीफेट ने सभी आगंतुकों और विशेषज्ञों को सक्रिय भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया और किसानों, उद्यमियों और विभिन्न हितधारकों को संस्थान की ओर से फसलोत्तर अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी में हर संभव सहायता करने की बात कही। संस्थान में पहली बार आयोजित इस दो दिवसीय आभासी कृषि प्रसंस्करण मेला (CIPHET-IIFA 2021) में करीब 3700 विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने भाग लिया और हितधारकों की सक्रिय भागीदारी से यह मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


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