

फोटो- रवि
जालंधर ब्रीज:(नीरज ) वार्ड नंबर 66 की पिछली एक साल से लंबित चली आ रही कम लोड वाले ट्रांसफार्मर की समस्या को दूर करने में इलाके के जूनियर इंजीनियर से लेकर एग्जीक्यूटिव इंजीनियर तक के अफसरों ने अपने हाथ खड़े कर दिए उन्होंने जालंधर ब्रीज के संवादाता से बात करते हुए कहा की हमारी ऊपर के अधिकारी नहीं सुनते हम उनके ध्यान में कई बार यह बात ला चुके है पर उन पर कोई असर नहीं है इस बात से यह बात साबित होती है की सरकार के पावर सरप्लस के दावे खोखले है और मोहल्ले की स्ट्रीट लाइट को नगर निगम को जानकारी दिए बगैर रात को स्ट्रीट लाइट बंद रख कर कम लोड वाले लगे हुए ट्रांसफार्मर पर लोड घटा कर घरो को आधी अधूरी बिजली दी जा रही है और बिजली के बिल पिछले साल की एवरेज लगा कर लोगो को भेजे जा रहे हैं । कोरोना महामारी ने जहाँ पूरे देश को हिलाके रख दिया है ।
वही आम लोगों की जेब पर बिजली बिलों का भोज डाला गया है परन्तु अफसर अपने घर में बैठकर आनंद ले रहे है क्यूंकि उनको तूफ़ान आये यान भूचाल उनको तो सरकार ने पालना है अगर कोई नेता लोगों की मदद करने के लिए आगे आये तो उसको मौके पर अफसर उसको उकसाकर गुस्से में उससे से कोई गलत काम होने पर उसको ढाल बनाकर यूनियन बाजी की ऐवज में उस पर पर्चे डलवा रही है यह कतई बर्दाश नहीं किया जायेगा और जालंधर ब्रीज बिजली विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की हकीकत को उजागर करता रहेगा और जनहित में लोगों को आ रही मुश्किलों के लिए आवाज़ बुलंद करता रहेगा और कुम्भकर्णी नींद सोये हुए भ्रष्ट उच्च अधिकारियों की रातों की नींद उड़ाने के लिए वचनबद्ध है और पिछले एक साल में कितनी बार पॉवर कट लगे और क्यों लगे यह एक जांच का विषय है ।
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