
जालंधर ब्रीज: भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी ‘असहनीय’ मुहिम को जारी रखते हुए, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने एक राजस्व पटवारी और उसके सहायक को 1,000 रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान श्री मुक्तसर साहिब जिले के क्षेत्र वड़िंगखेड़ा के पटवारी कुलविंदर सिंह और उसके सहायक अशोक कुमार के रूप में हुई है।
आज यहां यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त दोनों मुलजिमों के खिलाफ गांव वड़िंगखेड़ा के एक निवासी द्वारा मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पर दर्ज कराई गई शिकायत के बाद मामला दर्ज किया गया था।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उक्त पटवारी ने उसकी ज़मीन की निशानदेही करने के लिए अपने उक्त साथी (अशोक) के माध्यम से 1,500 रुपये रिश्वत की मांग की थी, लेकिन सौदा 1,000 रुपये में तय हो गया।
प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान यह पाया गया कि पटवारी द्वारा 5 फरवरी, 2025 को जब ज़मीन की हदबंदी रिपोर्ट तैयार की गई थी, तब इस संबंध में 2024-25 के सरकारी रजिस्टर या रोज़ाना डायरी में कोई एंट्री नहीं की गई थी। शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत देने का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया था, जिसमें अशोक कुमार पैसे स्वीकार करते हुए साफ दिखाई दे रहा था।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि इस संबंध में दोनों मुलजिमों के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 7 और 7-ए के तहत विजिलेंस ब्यूरो रेंज पुलिस थाना, बठिंडा में केस दर्ज किया गया है। दोनों मुलजिमों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
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